विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की अवधारणा
इस अध्याय के बारे में
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की अवधारणा CTET पेपर II CDP के समावेशी शिक्षा वाले भाग का आधार अध्याय है। यह अध्याय विश्व स्वास्थ्य संगठन के तीन शब्दों के सटीक भेद से होता है — बाधिता (impairment) कोई संरचनात्मक क्षति है, अशक्तता (disability) कार्यात्मक अक्षमता है और विकलांगता (handicap) व्यक्ति द्वारा अनुभूत किया गया सामाजिक असहायता है। इसके बाद यह आठ श्रेणियों पर बात करता है जो कक्षा 6–8 के शिक्षक को मिलेंगी — संज्ञानात्मक अशक्तता (IQ के अनुसार कम 50–75, साधारण 35–49, गंभीर 20–34, गूढ़ 20 से कम), श्रवण एवं वाचन बाधिता, दृष्टि बाधिता (कम दृष्टि व वैधानिक रूप से अंधा — 20/200 की सीमा), गति प्रेरक बाधिता (प्रमस्तिष्क पक्षाघात, मेरुरज्जु चोट, मांशपेशीय कुपोषण), बहु बाधिता (बधिर-अंधता), अधिगम अशक्तता (डिसलेक्सिया, डिसग्राफिया, डिसकैलकुलिया), संवेदनात्मक एवं व्यवहारात्मक विकार तथा 'वेटिंग चिल्ड्रेन' की संकल्पना। अंत में प्रारंभिक पहचान की जाँच-सूची, मूल्यांकन की प्रक्रिया और अशक्तता वाले लोगों का कानून 1995 व UNCRPD दिया गया है। CTET पेपर II इस अध्याय की परीक्षा परिभाषा-मिलान, IQ-सीमाओं, बाधिता-अशक्तता-विकलांगता के अंतर, किशोर शिक्षार्थियों में चेतावनी चिह्नों की पहचान तथा शिक्षक की प्राथमिक भूमिका पर लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन्हीं शब्दों, सीमाओं, लक्षणों और शिक्षक-कार्यों को जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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