पेपर 2 · बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा उच्च-प्राथमिक शिक्षक (आयु 11–14) को दिन-प्रतिदिन के उस वास्तविक कार्य से परिचित कराती है, जिसके द्वारा विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN) को सामान्य कक्षा में सम्मिलित किया जाता है। यह सात समूहों — गामक अक्षमता, श्रवण अक्षमता, दृष्टि अक्षमता (अंधता एवं अल्प-दृष्टि), विशिष्ट अधिगम अक्षमता (SLD — डिस्लेक्सिया, डिस्ग्राफिया, डिस्कैल्कुलिया), बौद्धिक अक्षमता, मस्तिष्क-पक्षाघात, स्वलीनता एवं बहु-अक्षमता — के अधिगम लक्षण तथा प्रणाली-स्तरीय समस्याएँ (अ-प्रतिधारण नीति, त्रिभाषा भार, बड़ी कक्षा, हलकी SLD का अनदेखा रह जाना) देती है। यह पाठ्यचर्या अनुकूलन समझाती है — समायोजन (accommodation), संशोधन (modification), लोप/omission (तीसरी भाषा हटाना), प्रतिस्थापन/substitution (शारीरिक शिक्षा के स्थान पर भौतिक चिकित्सा), विस्तार/expansion (मुद्रा-पाठ में असली पैसा) — साथ ही समय में लचीलापन, सामग्री-अनुकूलन और मूल्यांकन-विधि अनुकूलन (अतिरिक्त 30 मिनट, लेखक/scribe, मौखिक परीक्षण)। यह विद्यालय-संकुल-खंड-जिला-राज्य तंत्र की रूपरेखा देती है — SSA (सर्व शिक्षा अभियान), RCI (पुनर्वास परिषद), खंड संसाधन केंद्र (BRC), भ्रमणशील संसाधन शिक्षक। यह समावेशी कक्षा को विस्तार देती है — योजना, सहपाठी शिक्षण (peer tutoring), सहयोगात्मक अधिगम (cooperative learning, कगन 1994), TLM चयन के छह बिंदु (आयु-अनुकूल, सक्रिय, सृजनात्मक, उपलब्ध, स्तर-अनुकूल, हस्तांतरणीय) तथा CWSN के लिए ICT। यह गंभीर/बहु-अक्षमता वाले या दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों के लिए गृह-आधारित शिक्षा का परिचय देती है। CTET पेपर 2 इस अध्याय की जाँच — अक्षमता-श्रेणियों की परिभाषा, अनुकूलन-प्रकार पहचान (समायोजन बनाम संशोधन, लोप बनाम प्रतिस्थापन), भारतीय उच्च-प्राथमिक कक्षा के मिनी-केस, परीक्षा-छूट प्रश्न (लेखक, अतिरिक्त समय) तथा गृह-आधारित शिक्षा-स्मरण — से करता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छहों विषयों को CTET स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।

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