बच्चे को समझना (आयु 11-14)
इस अध्याय के बारे में
बच्चों को समझना बच्चों की वृद्धि एवं विकास का आधार अध्याय है। CTET पेपर II के अभ्यर्थी के लिए — जो कक्षा VI से VIII अर्थात 11 से 14 वर्ष के अधिगमकर्ताओं को पढ़ाएगा — यह अध्याय आगे के हर विषय का आधार है। यह वृद्धि (मात्रात्मक — ऊंचाई, भार, आकार; परिपक्वता पर रुक जाती है) और विकास (गुणात्मक — रूप, कार्य, चरित्र; जन्म से जीवन पर्यन्त) में स्पष्ट अंतर बनाता है। फिर नौ सिद्धांत — प्रतिमान, शीर्षपाद-पुच्छीय (cephalo-caudal) व समीप-दूरस्थ (proximo-distal) दिशा, सतत विकास, असमान दर, वैयक्तिक भिन्नता, सामान्य से विशिष्ट, एकीकरण, अंतःसंबंध, भविष्यवाणी — को CTET स्तर पर परिभाषित करता है। प्रभावी कारकों को आंतरिक (आनुवंशिक, जैविक-संवैधानिक, अंतःस्रावी ग्रंथियाँ, बुद्धि, भावात्मक, सामाजिक प्रकृति) और बाह्य (गर्भाशय वातावरण, दुर्घटनाएँ, भौतिक-चिकित्सीय देखभाल, सामाजिक-सांस्कृतिक अवसर, विद्यालय, साथी समूह, सरकार, देश) में बाँटता है। फिर चार स्तर — शैशवावस्था (0-2), प्रारंभिक बचपन (2-6), बाद का बचपन (6-12) और किशोरावस्था (12-19) — को शारीरिक, संज्ञानात्मक, भाषा, सामाजिक, भावात्मक एवं नैतिक आयामों पर लेकर चलता है। CTET पेपर II इस अध्याय को इसलिए गहराई से जाँचता है क्योंकि 11-14 वर्ष का अधिगमकर्ता बाद के बचपन (साथी निष्ठा का 'गैंग एज') व किशोरावस्था (औपचारिक संक्रिया का प्रारम्भ) के बीच में है। चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — पारिभाषिक अंतर, सिद्धांत, कारक, स्तर, शिक्षक की भूमिका एवं शैक्षिक तात्पर्य — सभी छह भागों को CTET स्तर पर परखते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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