पेपर 2 · बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

व्यक्ति के रूप में शिक्षार्थी — I (बुद्धि, बहु-बुद्धि)

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

'व्यक्ति के रूप में शिक्षार्थी-I' — 'शिक्षार्थी को समझना' विषय-समूह के भीतर है और कक्षा 6-8 के बच्चे के दो बड़े आंतरिक कारकों — बुद्धि (intelligence) और व्यक्तित्व (personality) — का व्यावहारिक सिद्धान्त उच्च-प्राथमिक शिक्षक के सामने रखता है। यह अध्याय 'बुद्धि' शब्द की जटिल प्रकृति (रोज़मर्रा की परिस्थितियों को दक्षता से हल करना) से शुरू होता है, फिर भ्रांतियाँ — 'व्यक्ति का बौद्धिक स्तर निर्धारित होता है', 'बुद्धिलब्धि बुद्धि का मापन नहीं करती' — फिर क्रियात्मक त्रयी बुद्धिलब्धि (IQ) = (मानसिक आयु / कालानुक्रमिक आयु) × 100, सांवेगिक गुणक (EQ) और आध्यात्मिक गुणक (SQ) पर आता है। इसका केन्द्रीय भाग हॉवर्ड गार्डनर का बहु-बुद्धि का सिद्धान्त (1983, 1997 में नौ तक विस्तारित) है — शाब्दिक भाषा विज्ञान, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, शारीरिक गत्यात्मक, संगीतात्मक, अन्तर्वैयक्तिक, अन्त:वैयक्तिक, प्रकृतिवादी व अस्तित्ववादी — उदाहरण व 'अधिगम बेहतर होता है' स्तंभ के साथ, जो किशोर-कक्षाओं में काम आते हैं। CTET पेपर 2 इस अध्याय से नियमित रूप से IQ का सूत्र, गार्डनर की नौ बुद्धियाँ व उदाहरण, EQ-IQ-SQ के अंतर तथा बुद्धि से जुड़ी भ्रांतियाँ जाँचता है — नीचे दिए चार टेस्ट (अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30) इन छहों विषय-समूहों को CTET स्तर पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट