अध्यापन-अधिगम का संगठन
इस अध्याय के बारे में
अध्यापन-अधिगम का संगठन CTET पेपर 2 बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) का शिक्षाशास्त्रीय आधार-स्तंभ है — वह भाग जो पूछता है कि उच्च-प्राथमिक (कक्षा 6-8, आयु 11-14) के एक शिक्षक को पाठ कैसे संगठित करना चाहिए। यह अध्याय पहले उन सात आधारभूत विचारों को सामने रखता है जिन पर शिक्षक विधि चुनने से पूर्व विचार करता है — शिक्षार्थी, शिक्षार्थियों की श्रेणी (grade), विषयवस्तु, अभीष्ट अधिगम परिणाम (intended learning outcomes), अधिगम वातावरण, उपलब्ध संसाधन तथा शिक्षक की योग्यता। इसके पश्चात तीन प्रकार की अनुदेशात्मक विधियाँ चर्चित हैं — शिक्षक-केन्द्रित विधियाँ (व्याख्यान विधि, प्रदर्शन विधि, टोली शिक्षण), शिक्षार्थी-केन्द्रित विधियाँ (अन्वेषण उपागम, समस्या समाधान के छह चरण, तथा प्रश्न पूछना, विसंगत घटनाएँ, आगमनात्मक व निगमनात्मक क्रियाएँ जैसी युक्तियाँ), और समूह-केन्द्रित विधियाँ (विचारावेशन, सहयोगात्मक अधिगम के सात चरण, परिचर्चा विधि तथा थिंक-पेयर-शेयर, भूमिका-निर्वाह, जिगसा, सर्किल ऑफ वॉयसेस, स्नोबॉल समूह व फिशबाउल जैसी गतिविधियाँ)। अंत में संदर्भ-विशेष व चयनात्मक (eclectic) शिक्षक की बात आती है। CTET पेपर 2 इस अध्याय की परीक्षा किशोर कक्षा हेतु विधि-चयन की स्थिति-आधारित स्टेम्स, व्याख्यान बनाम प्रदर्शन के गुण-दोष, समस्या-समाधान के चरणों के क्रम, पेडास्टे के अन्वेषण के पाँच चरणों के नामकरण और सहयोगात्मक अधिगम के चरणों जैसे शिक्षाशास्त्र-प्रश्नों से लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छहों विषयों को CTET स्तर की गहराई और कठिनाई पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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