पेपर 2 · बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

अध्यापन को समझना

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

अध्यापन को समझना (शिक्षण को समझना) CDP पेपर 2 के अधिगम व शिक्षाशास्त्र खंड में सर्वाधिक पूछे जाने वाले अध्यायों में से एक है। यह शिक्षण की दोहरी प्रकृति समझाता है — कला के रूप में (एलियट आइसनर, 1985 — सौंदर्यबोध, गतिशील, सृजनात्मक) और विज्ञान के रूप में (हर्बार्टिज़्म, बीसवीं शताब्दी की वैज्ञानिक जाँच); शिक्षण एक नैतिकतापूर्ण क्रियाकलाप के रूप में जो विषयवस्तु के साथ-साथ चरित्र-निर्माण भी करता है; तथा 11-14 वर्ष के बच्चों को पढ़ाने वाले पेपर 2 शिक्षक के लिए चार सम्बद्ध अवधारणाएँ — शिक्षण (teaching), अधिगम (learning), अनुदेशन (instruction) और शिक्षणशास्त्र (pedagogy) — का अन्तर। यह अध्याय तीन शिक्षण शैलियाँ (निर्देशात्मक, चर्चात्मक, प्रत्यायोजक — थार्नटन 2013), चार प्रकार के शिक्षण प्रतिमान (सामाजिक अंतःक्रिया, व्यवहार परिवर्तन, सूचना विकास, व्यक्तित्व आधार — ब्रूस ज्वायस), आठ शिक्षण विधियाँ (व्याख्यान, प्रदर्शन, व्याख्यान-सह-प्रदर्शन, अनुसंधानात्मक, समस्या-समाधान, परियोजना, आगमन-निगमन, विश्लेषण-संश्लेषण), फिलिप जैक्सन के शिक्षण के तीन चरण (पूर्व क्रियात्मक, अंतर क्रियात्मक, पश्च क्रियात्मक), दस शिक्षण सूत्र (सरल से जटिल, ज्ञात से अज्ञात, मूर्त से अमूर्त, विशिष्ट से सामान्य आदि), होकैन्सन व हूपर के पाँच शिक्षण स्तर (ग्रहण, अनुप्रयोग, विस्तार, सृजन, चुनौती), गैने के नौ अनुदेशनात्मक चरण, तथा गतिशील पाठ्यचर्यात्मक अनुभव में शिक्षक की भूमिका विकसित करता है। CTET पेपर 2 इस अध्याय की परीक्षा शिक्षण-शैली चयन, प्रतिमान पहचान, चरण-निदान, सूत्र-अनुप्रयोग और 'शिक्षण-अनुदेशन-शिक्षणशास्त्र' अंतर पर लेता है। चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन सभी को CTET स्तर पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट