पेपर 2 · गणित · कक्षा 6

सममिति

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

सममिति कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तक गणित प्रकाश का अध्याय 9 है। यह अध्याय दो बड़े विचार बनाता है — सममिति की रेखा (line of symmetry) यानी परावर्तीय सममिति, तथा घूर्णन सममिति (rotational symmetry) — और इन्हें रंगोली, ताजमहल, कोलम, अशोक चक्र, कागज की पवन-चक्की तथा साइकिल के पहिये जैसी रोज़मर्रा की भारतीय वस्तुओं से समझाता है। जब किसी आकृति का कोई भाग किसी निश्चित पैटर्न में दोहराया जाए, तब वह आकृति सममित कहलाती है। सममिति की रेखा (या सममिति अक्ष) वह रेखा है जो आकृति को दो ऐसे भागों में बाँटती है जो मोड़ने पर पूर्णत: एक-दूसरे को ढक लें; एक भाग दूसरे का प्रतिबिंब होता है। आकृति में शून्य, एक या अनेक सममिति की रेखाएँ हो सकती हैं — वर्ग में 4, समबाहु त्रिभुज में 3, समषड्भुज में 6 और वृत्त में अनंत। यदि किसी आकृति को एक निश्चित बिंदु (घूर्णन का केंद्र) के परित किसी कोण से (पूर्ण घूर्णन से कम) घुमाने पर वह पहले जैसी दिखे, तब उसमें घूर्णन सममिति होती है। ऐसे कोण सममिति के कोण कहलाते हैं और उनकी संख्या क्रम (order) कहलाती है। n समान-दूरी पर रखी किरण-संबंधी भुजाओं के लिए न्यूनतम सममिति कोण 360 अंश को n से भाग देने पर मिलता है। CTET पेपर 2 गणित इस अध्याय पर सममिति रेखाएँ व कोण गिनने, घूर्णन का केंद्र पहचानने, मुड़े कागज में छेद पहचानने तथा रंगोली, कोलम व राष्ट्रीय प्रतीकों पर इन विचारों के अनुप्रयोग की परीक्षा लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट इन्हें सही गहराई पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट