पेपर 2 · गणित · कक्षा 8

चतुर्भुज

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

चतुर्भुज कक्षा 8 का एक गणित अध्याय है। 'क्वाड्रीलेटरल' शब्द लैटिन के क्वाड्री (चार) व लैटस (भुजाएँ) से बना है — चार भुजाओं से घिरी हुई बंद आकृति जिसके कोण उसकी भुजाओं के बीच बनते हैं। अध्याय छह बड़े विचार दस निगमनों (deductions) और अनेक रचनाओं द्वारा बनाता है। पहले 'एक बढ़ई की समस्या' से शुरुआत होती है — दो समान लंबाई की लकड़ी की पट्टिकाएँ जब अपने मध्य-बिंदुओं पर जोड़ी जाती हैं तो आयत बनता है — और इसी से आयत की दूसरी परिभाषा मिलती है: ऐसा चतुर्भुज जिसके विकर्ण समान लंबाई के हों तथा एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हों। तर्क SAS, SSS व AAS सर्वांगसमता पर टिका है। यही समस्या लंबवत विकर्णों पर वर्ग देती है। यह सिद्ध करता है कि किसी भी चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360° होता है — एक विकर्ण खींचकर और त्रिभुज के कोण-योग 180° का उपयोग करके। यह समांतर चतुर्भुज (जिसकी सम्मुख भुजाएँ समांतर हों) का परिचय कराता है तथा सिद्ध करता है कि उसके सम्मुख कोण समान होते हैं व विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं। यह समचतुर्भुज (rhombus — चारों भुजाएँ समान) बनाता है और दिखाता है कि उसके विकर्ण 90° पर समद्विभाजित होते हैं तथा कोणों को भी समद्विभाजित करते हैं। यह पतंग (kite — दो जोड़े आसन्न समान भुजाएँ) व समलंब (trapezium — कम-से-कम एक जोड़ी सम्मुख समांतर भुजाएँ; जब असमांतर भुजाएँ बराबर हों तो समद्विबाहु समलंब) देता है। अंत में प्रसिद्ध वेन-आरेख पदानुक्रम — हर वर्ग आयत, समचतुर्भुज व समांतर चतुर्भुज है; हर आयत व हर समचतुर्भुज समांतर चतुर्भुज है; हर समांतर चतुर्भुज समलंब है। CTET पेपर 2 इस अध्याय की परीक्षा गुणधर्म-स्मरण, कोण-योग शब्द-समस्याओं, विकर्णों पर सत्य/असत्य कथनों, तथा अनुमान-बनाम-प्रमाण व वेन-आरेख वर्गीकरण पर शिक्षाशास्त्र-प्रश्नों से लेता है।

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