धातु और अधातु
NCERT कक्षा 8 धातुओं और अधातुओं को उनके भौतिक और रासायनिक गुणों के आधार पर अलग करती है।
धातुओं के प्रमुख गुण: चमकदार, आघातवर्ध्य (malleable), तन्य (ductile), ऊष्मा और विद्युत के सुचालक, ध्वानिक।
अधातुओं के प्रमुख गुण: चमकहीन, भंगुर, कुचालक (ग्रेफाइट को छोड़कर)।
धातुओं की अभिक्रियाएँ:
- ऑक्सीजन के साथ → क्षारकीय ऑक्साइड (MgO क्षारकीय है)।
- जल के साथ → Na, K कमरे के ताप पर; Ca धीरे-धीरे; Mg गर्म जल से; Fe भाप से; Cu, Ag नहीं।
- तनु अम्ल के साथ → सक्रिय धातु हाइड्रोजन विस्थापित करती हैं। अधातुएँ सामान्यतः तनु अम्ल से अभिक्रिया नहीं करतीं।
अभिक्रियाशीलता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu > Ag > Au। अधिक अभिक्रियाशील धातु कम अभिक्रियाशील धातु को उसके नमक विलयन से विस्थापित कर देती है।
अम्ल, क्षार और लवण
सूचकों के माध्यम से अम्ल-क्षार की पहचान CTET में अत्यधिक परीक्षित है।
| सूचक | अम्ल में | क्षार में |
|---|---|---|
| हल्दी | कोई परिवर्तन नहीं | रक्ताभ भूरा |
| चाइना रोज | गाढ़ा गुलाबी | हरा |
| फीनॉलफ्थेलीन | रंगहीन | गुलाबी |
| मेथिल ऑरेंज | ऑरेंज/लाल | पीला |
उदासीनीकरण: अम्ल + क्षार → लवण + जल। HCl + NaOH → NaCl + H2O। यह ऊष्माक्षेपी है। अम्ल का तनुकरण (जल में अम्ल डालना) भी ऊष्माक्षेपी है — CTET Jul 2024 Q63।
भौतिक और रासायनिक परिवर्तन
CTET में परीक्षित प्रमुख रासायनिक परिवर्तन:
- लोहे में जंग — ऑक्सीजन और जल दोनों चाहिए। रासायनिक, ऊष्माक्षेपी, अनुत्क्रमणीय।
- पोटेशियम + जल — अत्यंत प्रचंड, ऊष्माक्षेपी, हाइड्रोजन गैस निकलती है। CTET Jul 2024 Q88: 'यह ऊष्माशोषी है' — गलत अवलोकन।
अवलोकन बनाम अनुमान: CTET में यह बार-बार आता है। अवलोकन = प्रत्यक्ष देखा/मापा गया; अनुमान = साक्ष्य से निकाला गया निष्कर्ष।
रेशे, कोयला, पेट्रोलियम और दहन
रेशे: प्राकृतिक — कपास, रेशम, ऊन, जूट। संश्लेषित — नायलॉन, पॉलिएस्टर, एक्रेलिक। रेयान अर्ध-संश्लेषित — लकड़ी के गूदे (सेलुलोस) से बना, परंतु रासायनिक प्रक्रिया द्वारा।
जीवाश्म ईंधन: कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस — अनवीकरणीय। पेट्रोलियम के उत्पाद: पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल, बिटुमेन (सड़क बनाने के लिए)। कोयले के उत्पाद: कोक, कोलतार, कोल गैस।
दहन: ऑक्सीजन के साथ ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया। माचिस की रगड़ने वाली सतह पर — लाल फॉस्फोरस और काँच का चूर्ण।
परमाणु संरचना और रासायनिक सूत्र
NCERT कक्षा 8 की परमाणु संरचना से CTET में महत्त्वपूर्ण प्रश्न:
- परमाणु-अंक = प्रोटॉनों की संख्या = उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या।
- द्रव्यमान अंक = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन। न्यूट्रॉन = द्रव्यमान अंक − परमाणु अंक।
- X³⁺ आयन: परमाणु अंक 13, द्रव्यमान 27 → प्रोटॉन = 13, इलेक्ट्रॉन = 10, न्यूट्रॉन = 14।
रासायनिक नाम: बुझा चूना = Ca(OH)2; बिनझड़ा चूना = CaO; चूना पत्थर = CaCO3; खाद्य नमक = NaCl; बेकिंग सोडा = NaHCO3; कॉस्टिक सोडा = NaOH।
मिश्रणों का पृथक्करण
NCERT कक्षा 6 की पृथक्करण विधियाँ CTET में प्रायोगिक कौशल के रूप में परीक्षित होती हैं:
- फटकना (विनोइंग) — हल्के भूसे को भारी अनाज से अलग करना।
- चालना — भिन्न आकार के कणों को अलग करना।
- निस्यंदन — अघुलनशील ठोस को तरल से अलग करना।
- वाष्पन — घुले ठोस को तरल से अलग करना।
- आसवन — विभिन्न क्वथनांक वाले मिश्रणीय द्रवों को अलग करना।
- चुंबकीय पृथक्करण — चुंबकीय पदार्थ को अचुंबकीय से।
- ऊर्ध्वपातन — नेफ्थेलीन, कपूर जैसे पदार्थों को अशुद्धियों से।
सामग्री विषयों के लिए शिक्षाशास्त्रीय दृष्टिकोण
CTET पेपर 2 में रासायनिक अभिक्रियाओं का परिचय कराने की सबसे उपयुक्त रणनीति है — विद्यार्थियों के जीवन में देखी गई रासायनिक अभिक्रियाओं (जंग लगना, खाना पकाना, जलना) पर परिचर्चा से शुरुआत (CTET Jan 2024 Q73)। यह NCF 2005 द्वारा अनुशंसित रचनावादी दृष्टिकोण है।
अम्ल-क्षार पाठन के लिए प्राकृतिक सूचकों (हल्दी, चाइना रोज) का उपयोग विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष अवलोकन और अनुमान में संलग्न करता है। शिक्षक की भूमिका व्याख्याता से जाँच-पड़ताल के सुविधाप्रदाता में बदल जाती है।
रसायन विज्ञान में अवलोकन बनाम अनुमान
CTET में एक बार-बार आने वाला विषय है — रासायनिक प्रयोगों के संदर्भ में अवलोकन और अनुमान में अंतर करना।
CTET Jul 2024 Q61 में: वायु गर्म होने पर फैलती है (B) और चूने का पानी दूधिया होना (C) — अवलोकन हैं। धातु ऑक्साइड क्षारकीय हैं (A) और उदासीनीकरण (D) — अनुमान हैं।
अभ्यास प्रश्न
Q1. अभिकथन (A): यह अनुशंसित किया गया है कि अम्ल को तनु बनाने के लिए जल में अम्ल डाला जाना चाहिए न कि अम्ल में जल। तर्क (R): अम्ल का तनुकरण अत्यधिक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
व्याख्या: जल में अम्ल डालना सुरक्षित है क्योंकि तनुकरण अत्यंत ऊष्माक्षेपी है। अम्ल में जल डालने पर उत्पन्न ऊष्मा से अम्ल उछल सकता है। A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
स्रोत: CTET Jul 2024 पेपर 2, Q63
Q2. निम्नलिखित सारणी विभिन्न सूचकों के डाले जाने पर अम्ल और क्षार में होने वाले रंग परिवर्तन को निर्दिष्ट करती है (हल्दी: अम्ल में कोई परिवर्तन नहीं, क्षार में A; चाइना रोज: अम्ल में गाढ़ा गुलाबी, क्षार में B; फीनॉलफ्थेलीन: अम्ल में C, क्षार में गुलाबी; मेथिल-ऑरेंज: अम्ल में D, क्षार में गुलाबी)। A, B, C, D क्रमशः हैं:
व्याख्या: हल्दी क्षार में = रक्ताभ भूरा (A)। चाइना रोज क्षार में = हरा (B)। फीनॉलफ्थेलीन अम्ल में = रंगहीन (C)। मेथिल ऑरेंज अम्ल में = ऑरेंज (D)।
स्रोत: CTET Jul 2024 पेपर 2, Q82
Q3. X³⁺ आयन तत्व X (परमाणु-द्रव्यमान 27 और परमाणु अंक 13) से प्राप्त किया जाता है। X³⁺ में प्रोटॉनों, इलेक्ट्रॉनों और न्यूट्रॉनों की संख्या क्रमशः है:
व्याख्या: परमाणु अंक 13 → प्रोटॉन = 13। X³⁺ में 3 इलेक्ट्रॉन गँवाए → इलेक्ट्रॉन = 13 − 3 = 10। न्यूट्रॉन = द्रव्यमान अंक − परमाणु अंक = 27 − 13 = 14।
स्रोत: CTET Aug 2023 पेपर 2, Q75
Q4. निम्नलिखित अभिक्रियाओं में से कौन-सी संभव नहीं हैं? (1) PbSO₄ + Fe (2) Al + CuSO₄ (3) Zn + CaSO₄ (4) Mg + ZnSO₄
व्याख्या: अभिक्रियाशीलता श्रेणी: Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > Cu। (1) Fe, Pb से अधिक सक्रिय है पर PbSO4 अघुलनशील है — संभव नहीं। (3) Zn, Ca से कम सक्रिय है — Ca को विस्थापित नहीं कर सकता। (2) और (4) संभव हैं।
स्रोत: CTET Aug 2023 पेपर 2, Q67
Q5. निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़िए: S1: रेयान एक सांश्लेषिक रेशा है। S2: रेयान को बिना किसी प्राकृतिक कच्चे माल के प्रयोग के बनाया जाता है।
व्याख्या: रेयान अर्ध-संश्लेषित रेशा है जिसे NCERT 'मानव-निर्मित' कहती है — S1 व्यापक अर्थ में सही है। S2 गलत है क्योंकि रेयान लकड़ी के गूदे (सेलुलोस — प्राकृतिक) से बनाया जाता है।
स्रोत: CTET Jan 2024 पेपर 2, Q90