विज्ञान
विज्ञान पेपर 2 का एक वैकल्पिक विषय है, उन अभ्यर्थियों के लिए जो कक्षा 6–8 को गणित-विज्ञान पढ़ाएँगे। NCERT Curiosity (NCF-SE 2023) विज्ञान शिक्षण को योग्यता-आधारित और समेकित बताती है: 'भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान और पृथ्वी विज्ञान की अवधारणाएँ निर्बाध रूप से एक-दूसरे में बुनी हुई हैं' (Curiosity कक्षा 6, पुस्तक के बारे में)। NIOS 510 (D.El.Ed.) विज्ञान को 'ज्ञान का भंडार और एक प्रक्रिया दोनों' मानता है (खण्ड 1/इकाई 1 §1.3.2) तथा कहता है: 'विधि में प्रशिक्षण, सूचना संग्रह से अधिक महत्वपूर्ण है' (खण्ड 1/इकाई 1 §1.0)। पाठ्यक्रम की 7 विषय-वस्तु NCERT की थीम-संरचना पर आधारित हैं (भोजन, पदार्थ, सजीव संसार, गति, चीज़ें कैसे काम करती हैं, प्राकृतिक परिघटनाएँ, प्राकृतिक संसाधन)। गणित-विज्ञान अभ्यर्थी 60 प्रश्न हल करते हैं: 30 गणित + 30 विज्ञान।
विज्ञान विषय-वस्तु
NCERT Curiosity (NCF-SE 2023, कक्षा 6–8) में आधारित सात NCERT विषय-वस्तु थीम। Curiosity जीव विज्ञान, रसायन, भौतिकी और पृथ्वी विज्ञान को अलग-अलग रखने के बजाय एक समेकित उपागम में प्रस्तुत करती है (Curiosity कक्षा 6, पुस्तक के बारे में)।
भोजन — स्रोत, घटक एवं भोजन की सफाई
NCERT Curiosity कक्षा 6 अध्याय 3 'सावधानी से खाना: स्वस्थ शरीर की राह' — §3.1 हम क्या खाते हैं?, §3.1.1 भारत के विभिन्न राज्यों में भोजन-विविधता। पोषक तत्व: कार्बोहाइड्रेट (ऊर्जा), प्रोटीन (वृद्धि), वसा, विटामिन, खनिज, जल। संतुलित आहार; खाद्य-मिलावट परीक्षण (आयोडीन — मंड/स्टार्च)। IKS: अध्याय 3 तैत्तिरीय उपनिषद के 'अन्नेन जातानि जीवन्ति' से खुलता है।
SCI-02दैनिक उपयोग की सामग्री
NCERT Curiosity कक्षा 6 अध्याय 6 'हमारे चारों ओर पदार्थ' + अध्याय 9 'दैनिक जीवन में पृथक्करण की विधियाँ'। गुण: कठोरता, पारदर्शिता, घुलनशीलता, चालकता। पृथक्करण विधियाँ: फटकना, चालना, निस्यंदन, वाष्पीकरण, आसवन। अम्ल (नीला लिटमस→लाल) बनाम क्षार (लाल लिटमस→नीला); तंतु; धातुएँ बनाम अधातुएँ। IKS: अध्याय 6 रसरत्नसमुच्चय–10.3 के उद्धरण से आरंभ होता है।
SCI-03सजीव संसार
NCERT Curiosity कक्षा 6 अध्याय 2 'सजीव संसार में विविधता' + अध्याय 10 'जीवित प्राणी: उनके लक्षण'। जीवों के लक्षण: पोषण, श्वसन, उत्सर्जन, वृद्धि, जनन, गति, उद्दीपन। कोशिका — मूल इकाई; पादप कोशिका (कोशिका भित्ति, हरितलवक, बड़ी रिक्तिका) बनाम जंतु कोशिका। सूक्ष्मजीव: उपयोगी (किण्वन, प्रतिजैविक, नाइट्रोजन-स्थिरीकरण) बनाम हानिकारक। प्रकाश-संश्लेषण: CO₂ + H₂O + सूर्य-प्रकाश → ग्लूकोज + O₂।
SCI-04गति करती वस्तुएँ, लोग एवं विचार
NCERT Curiosity कक्षा 6 अध्याय 5 'लंबाई और गति का मापन' (§5.1 — परंपरागत मापन: बालिश्त, चार अंगुल — SI से पहले)। गति के प्रकार: सरल रेखीय, वृत्तीय, आवर्ती, दोलनी। चाल = दूरी/समय; एकसमान बनाम असमान गति; दूरी-समय व चाल-समय आलेख। बल: संपर्क (घर्षण, आरोपित) बनाम असंपर्क (गुरुत्व, चुंबकीय, स्थिर-वैद्युत)। दाब = बल/क्षेत्रफल; सरल मशीनें — उत्तोलक (3 वर्ग), घिरनी, आनत तल।
SCI-05चीज़ें कैसे काम करती हैं — विद्युत धारा, परिपथ एवं चुंबक
NCERT Curiosity कक्षा 6 अध्याय 4 'चुंबकों की खोज' (§4.1 चुंबकीय और अचुंबकीय पदार्थ)। प्राकृतिक चुंबक: 'लॉडस्टोन — प्राचीन काल से ज्ञात प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले चुंबक' (अध्याय 4)। चुंबकीय बनाम अचुंबकीय पदार्थ। ध्रुव: समान ध्रुव प्रतिकर्षित, असमान आकर्षित; मुक्त रूप से लटका चुंबक → उत्तर-दक्षिण दिशा। विद्युत परिपथ: खुला बनाम बंद; चालक (धातुएँ) बनाम विद्युतरोधी (रबड़, प्लास्टिक, काँच)। विद्युत-चुंबक: लोहे की छड़ + कुंडली + धारा; अनुप्रयोग — विद्युत-घंटी, क्रेन। IKS: प्राचीन भारतीय नाविक लॉडस्टोन से दिशा ज्ञात करते थे (अध्याय 4)।
SCI-06प्राकृतिक परिघटनाएँ
NCERT Curiosity कक्षा 6 अध्याय 7 'तापमान और उसका मापन' (§7.1; अन्ना मणि: 'गलत माप, माप न करने से भी बुरे होते हैं') + अध्याय 12 'पृथ्वी के परे' (खगोलीय पिंड, ग्रहण, ऋतुएँ)। ऊष्मा स्थानांतरण: चालन (धातुएँ/ठोस), संवहन (द्रव — थल/सागर समीर), विकिरण (माध्यम-रहित — सूर्य)। प्रकाश: सरल रेखीय गति, परावर्तन, अपवर्तन, वर्ण-विक्षेपण (VIBGYOR)। ध्वनि: कंपन से उत्पन्न; माध्यम में चलती है; चाल ~340 मी/से; आवृत्ति (तारत्व), आयाम (प्रबलता)। ग्रहण: सूर्य-ग्रहण (चंद्रमा बीच में); चंद्र-ग्रहण (पृथ्वी बीच में)। IKS: अन्ना मणि — भारत की अग्रणी मौसम-वैज्ञानिक (अध्याय 7)।
SCI-07प्राकृतिक संसाधन
NCERT Curiosity कक्षा 6 अध्याय 8 'जल की अवस्थाओं की यात्रा' (तिरुक्कुरल: 'यदि वर्षा न हो तो महासागर भी सूख जाएगा') + अध्याय 11 'प्रकृति के खजाने' ('शुद्ध वायु प्रसन्नदायक है और मिट्टी इतनी उर्वर है कि वह असंख्य जीवों को पोषित करती है')। जल: अवस्थाएँ; जल-चक्र; जल-संकट; संरक्षण; शुद्ध पेयजल; प्रदूषण। वायु: संघटन (N₂ ~78%, O₂ ~21%); प्रदूषण; हरितगृह प्रभाव। मृदा: परिच्छेदिका; प्रकार (रेतीली/दोमट/चिकनी); अपरदन; उर्वरता; संरक्षण। वन: जैव-विविधता; वन-उन्मूलन के प्रभाव; राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य। नवीकरणीय (सौर, पवन, जल) बनाम अनवीकरणीय (कोयला, पेट्रोलियम)। IKS: तिरुक्कुरल (प्राचीन तमिल ज्ञान) — जल-संरक्षण।
विज्ञान शिक्षाशास्त्र एवं मूल्यांकन
पूर्णतः NIOS 510 (D.El.Ed.) खण्ड 1–2 पर आधारित। NIOS 510 खण्ड 1 विज्ञान की प्रकृति और शिक्षण उपागमों को; खण्ड 2 नियोजन, CCE मूल्यांकन और कक्षा-चुनौतियों को कवर करता है। मूल शिक्षण-सिद्धांत: 'विधि में प्रशिक्षण, सूचना-संग्रह से अधिक महत्वपूर्ण है' (NIOS 510 खण्ड 1/इकाई 1 §1.0)।
विज्ञान शिक्षाशास्त्र — स्वरूप, उद्देश्य एवं उपागम
NIOS 510 खण्ड 1/इकाई 1–4 (विज्ञान को समझना)। परिभाषा: 'विज्ञान ज्ञान का भंडार और एक प्रक्रिया दोनों है' (खण्ड 1/इकाई 1 §1.3.2)। वैज्ञानिक ज्ञान-सोपान: परिकल्पना → सिद्धांत → प्राकृतिक नियम; आगमनात्मक बनाम निगमनात्मक अनुमान (खण्ड 1/इकाई 1 §1.4)। वैज्ञानिक चिंतन-त्रयी (खण्ड 1/इकाई 1 §1.5): अनुभववाद (प्रेक्षण/साक्ष्य) + संदेहवाद (आलोचनात्मक प्रश्नन) + तर्कवाद (कारण/तर्क)। लक्ष्य: 'औपचारिक एवं अनौपचारिक कक्षा में वैज्ञानिक सोच की संस्कृति को बढ़ावा देना' (खण्ड 1 ब्लॉक परिचय)। NEP 2020 / Curiosity: 'विज्ञान में विषय-वस्तु-आधारित से योग्यता-आधारित शिक्षा की ओर आमूल परिवर्तन' (fecu1ps.pdf)। शिक्षण उपागम (खण्ड 1/इकाई 3–4): जिज्ञासा-आधारित, क्रियाकलाप-आधारित, प्रत्यक्ष अनुभव, समस्या-समाधान, परियोजना, विज्ञान-क्लब, क्षेत्र-भ्रमण।
SCI-09विज्ञान मूल्यांकन — संज्ञानात्मक, मनो-गामक एवं भावात्मक; उपचारात्मक शिक्षण
NIOS 510 खण्ड 2/इकाई 6 (मूल्यांकन एवं आकलन और संबंधित मुद्दे) + इकाई 7 (विज्ञान शिक्षण में चुनौतियाँ)। इकाई 6 का उद्देश्य: 'विभिन्न उपागमों सहित सतत् व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया से शिक्षार्थियों की प्रगति का मूल्यांकन' (खण्ड 2 ब्लॉक परिचय)। तीन क्षेत्र: संज्ञानात्मक (ज्ञान/बोध/अनुप्रयोग — लिखित/मौखिक परीक्षण), मनो-गामक (प्रयोगशाला कौशल, उपकरण प्रयोग — प्रायोगिक परीक्षण, अवलोकन), भावात्मक (वैज्ञानिक अभिवृत्ति, जिज्ञासा — अनुसूची, पोर्टफोलियो, सहपाठी मूल्यांकन)। CCE: वर्ष-भर सतत्; तीनों क्षेत्रों को कवर करता है। उपचारात्मक शिक्षण (इकाई 7): भ्रांतियों की पहचान (जैसे — भारी वस्तु तेज़ गिरती है); रणनीतियाँ: ठोस सामग्री, सहपाठी-ट्यूटरिंग, वैकल्पिक स्पष्टीकरण, पुन:-प्रदर्शन।