पेपर 1 · बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

विविध संदर्भों में समाजीकरण और विकास

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

विविध संदर्भों में समाजीकरण और विकास — यह अध्याय समाजीकरण (socialization) को उस आजीवन अंतःक्रिया-प्रक्रिया के रूप में परिभाषित करता है जिसके द्वारा बच्चा अपने सामाजिक समूह की श्रद्धा, गुण, दृष्टिकोण और आदतें ग्रहण करता है तथा इसकी पाँच विशेषताएँ बताता है — बुनियादी अनुशासन को मन में स्थित करना, व्यवहार पर नियन्त्रण, साधनों के बीच सौहार्द, औपचारिक एवं अनौपचारिक रूप, और एक सतत प्रक्रिया। इसके बाद पाँच प्रकार — प्राथमिक, द्वितीयक, विकासात्मक, पूर्वानुमानिक और पुनः सामाजीकरण — दिए गए हैं, और दिखाया गया है कि सिख, हिन्दू व मुस्लिम भारतीय परिवारों में अभिवादन, खान-पान व पहनावा सांस्कृतिक सामाजीकरण से कैसे बनते हैं। यह अध्याय परम्परागत व गैर-परम्परागत परिवार ढाँचों, कम आय व धनी परिवारों, तथा गरीबी, युद्ध-क्षेत्र, अनाथालय, प्रवासी मजदूर और निःशक्तता जैसी विपरीत परिस्थितियों में वृद्धि का वर्णन करता है। अंत में शहरी, ग्रामीण, जनजातीय और गन्दी बस्ती में बालिका के रूप में वृद्धि तथा सामाजिक-सांस्कृतिक परिवर्तन के स्रोत के रूप में अध्यापक की भूमिका — संस्कृति के अनुरूप शिक्षणशास्त्र, पारस्परिक संबंधों वाला अध्यापन व सहकारी अधिगम — पर बल है। CTET पेपर 1 CDP इसकी परीक्षा पाँच विशेषताओं व पाँच प्रकारों पर परिभाषात्मक प्रश्नों, बॉमरिंड (Baumrind) की चार पालन-पोषण शैलियों पर कक्षा-अनुप्रयोग प्रश्नों, और रोहित, सोनिया, अम्मार, नाहिदा व सावित्री के केसों पर आधारित प्रश्नों से लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छहों विषय-समूहों को CTET स्तर की गहराई व कठिनाई पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट